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जब चोटिल होने के बाद भी मैदान में योद्धा की तरह लड़े खिलाड़ी

आमतौर पर क्रिकेट के मैदान में कुछ ऐसी खतरनाक चोटों को भी देखा गया है। जब किसी भी खिलाड़ी के लिए फिर से मैदान में उसी तरीके से वापसी करना आसान नहीं होता।

क्रिकेट के मैदान में चोट लगना बेहद आम बात है। क्रिकेट के खेल में कई बार देखा गया है कि खिलाड़ियों को बीच मैच के दौरान चोट लग जाती है और वह मैदान से बाहर चले जाते हैं। आमतौर पर क्रिकेट के मैदान में कुछ ऐसी खतरनाक चोटों को भी देखा गया है। जब किसी भी खिलाड़ी के लिए फिर से मैदान में उसी तरीके से वापसी करना आसान नहीं होता।

इन खिलाड़ियों ने चोट के बाद किया था शानदार प्रदर्शन
क्रिकेट के खेल में उंगली टूटना, घुटना मुड़ना ,टखने में चोट लगना या फिर हाथ में खरोच आना जैसी चोट देखी जाती है। इन चोटों से खिलाड़ी मैदान के बाहर तो चले जाते हैं। लेकिन इनमें कई सारे खिलाड़ी ऐसे होते हैं। जो मैच का हिस्सा नहीं बन पाते हैं। लेकिन कई सारे ऐसे खिलाड़ी भी होते हैं जो इतनी खतरनाक चोट लगने के बाद भी अपना जुनून कम नहीं होने देते। उसी मैच में मैदान में दोबारा से वापसी करने का अपना बुलंद हौसला दिखाते हैं।

सौरभ गांगुली
भारतीय क्रिकेट टीम के महान कप्तान रह चुके सौरभ गांगुली के लिए साल 2006 बिल्कुल भी अच्छा नहीं था। कप्तानी से हटने के बाद उनका भारतीय टीम में बने रहना बेहद मुश्किल था। इसी बीच उस दौरान श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में एक मैच में भारत-श्रीलंका मैच मैं श्रीलंका के द्वारा दी गई 259 रनों की चुनौती का पीछा करने के लिए मैदान में उतरी थी। सौरभ गांगुली को दूसरे ही ओवर में पसलियों पर बॉल लग गई। जिसके बाद वह मैदान से बाहर चले गए हालांकि उनके जाने के बाद उथप्पा बल्लेबाजी करने आए। लेकिन भारत को एक के बाद एक झटके लगते रहे फिर सौरव गांगुली ने उतरने का दोबारा से फैसला लिया। तभी सचिन भी आउट हो गए। इसके बाद युवराज सिंह के साथ दर्द के बाद भी दादा ने 143 रन बनाए और जीत के सूत्रधार बने।

मैल्कम मार्शल
वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के दिग्गज गेंदबाज 80 के दशक में जलवा था। वेस्टइंडीज की टीम इस दौर में बेहद खतरनाक मानी जाती थी। इस दौरान साल 1984 में वेस्टइंडीज की टीम इंग्लैंड के दौरे पर गई थी। जहां खिलाड़ी की उंगली पर चोट लग गई थी और उंगली में चोट लगने के बाद उनका दोबारा से खेलना बेहद मुश्किल था। लेकिन वेस्टइंडीज की टीम को जब मार्शल की बल्लेबाजी की जरूरत पड़ी। तो उन्होंने अपनी टूटी उंगली के साथ मैच को खेलना जरूरी समझा और माइकल होल्डिंग के साथ बेहतरीन साझेदारी निभाते हुए वेस्टइंडीज को जीत दिलाई।

केदार जाधव
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज केदार जाधव लंबे समय तक सीमित ओवरों का हिस्सा बने रहे है। केदार जाधव के साथ साल 2008 के एशिया टूर्नामेंट के दौरान एक घटना हो गई थी। बांग्लादेश के खिलाफ मैच में भारत को जीत के लिए 235 रनों की जरूरत थी। लेकिन भारत ने 160 रन पर पांच विकेट खो दिए थे। केदार जाधव चोट लगने के कारण 19 रन पर मैदान से बाहर चले गए थे। इसके बाद जडेजा और भुवनेश्वर ने 55 रन की साझेदारी करते हुए भारत को जीत के बेहद करीब ला दिया था। लेकिन तभी जडेजा आउट हो गए। केदार तकलीफ के बीच बल्लेबाजी करने के लिए मैदान में आए और उन्होंने अपने शानदार खेल से इस मैच को अपने नाम किया।

मनिका पालीवाल

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Written by playon

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